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  • How to win friends and influence people (Page 18)

    “मैने लोगों का भला करने में अपने जीवन के बेहतरीन साल लगा दिए ताकि वह सुख से रह सकें और उसके बदले में मुझे गालियां सुनने को मिलती हैं और पुलिस से छुपे छुपे रहना पड़ता है।”
    यह वाक्य अलकोपेन के हैं जो अमेरिका का सबसे कुख्यात बदमाश था। शिकागो में उस जैसा खतरनाक गैंगलीडर नहीं था।परंतु अलकोपेन खुदको दोषी या अपराधी नहीं मानता था। वह खुदको परोपकारी समझता था—एक ऐसा परोपकारी जिसे जनता ठीक से समझ नहीं पाई थी।

    और यही न्यूयॉर्क में गैंगेस्टर की गोलियों से मरने से पहले डच शुल्टज ने कहा। न्यूयॉर्क के सबसे कुख्यात अपराधियों में से एक डच शुल्टज ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह जनता की भलाई करता है। और उसे इस पर पूरा यकीन था।

    मैने इस विषय पर न्यूयॉर्क की बदनाम सिंग सिंग जेल के वॉर्डन लुइस लॉस से लंबा पत्र व्यवहार किया है। वे कहते हैं सिंग सिंग जेल के बहुत कम अपराधी अपने आप को बुरा समझते हैं। वे उसी तरह इंसान हैं जैसे कि आप और मैं। इसीलिए वो तर्क देते हैं, खुद को सही साबित करते हैं। वे आपको ये बता सकत हैं कि उन्हें तिजोरी क्यों तोड़नी पड़ी या गोली क्यों चलानी पड़ी।सही या गलत तर्कों के द्वारा अधिकांश अपराधी अपने अपराधों को को सही साबित करने की कोशिश करते हैं और यह मानते हैं कि उन्हें सजा नहीं मिलनी चाहिए थी।

    अगर अल कोपेन, क्रॉले, डच शुल्टज या जेल की दीवारो में कैद कुख्यात अपराधी अपने आप को दोषी नहीं मानते तो वे लोग क्या करते हैं जिनसे हम और आप मिलते हैं?

    अमेरिकी स्टोर की चेन के संस्थापक जॉन वॉनामेकर ने यह स्वीकार किया था, “तीस साल पहले मैंने यह समझ लिया था कि किसी को दोष देना मूर्खता है। मेरे पास अपनी खुदकी सीमाओं को ही पार करने की मुसीबत काफी है और मैं इस बात पर सिर नहीं धुनना चाहता कि ईश्वर ने बुद्धी का वरदान सबको एकसा नहीं दिया है।

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