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  • How to win friends and influence people (Page 10)

    काल्पनिक? आप अपनी इच्छानुसार इस वक्तव्य को हंसी में उड़ाने वाला कोई भी शब्द इस्तेमाल कर सकते हैं। मैं बिना अपनी तरफ से कुछ जोड़े एक बेहद सफल हार्वड ग्रेजुएट का कथन बता रहा हूं जो उसने न्यूयॉर्क के येल क्लब में मंगलवार 23 फरवरी 1933 को छ सौ लोगों के सामने कहा था।

    "हम जो हो सकते हैं" हार्वर्ड के प्रसिद्ध प्रोफेसर विलियम जेम्स ने कहा था, "हम जो हो सकते हैं, उसकी तुलना में हम सिर्फ आधे जागे हुए ही हो सकते हैं। हम अफनी क्षमताओं का बहुत कम हिस्सा ही हासिल कर पाते हैं। हम अपनी मानसिक और शारीरिक क्षमताओं का बहुत थोड़ा हिस्सा ही इस्तेमाल करते हैं। इंसान अपनी क्षमताओं का पूरी दोहन नहीं करते। उनके पास ऐसी बहुत सी क्षमताएं या शक्तियां होती हैं, जिनका उपयोग करने में वे आम तौर पर असफर रहते हैं।"

    ऐसी क्षमतायें या शक्तियां जिनका उपयोग करने में आप " आम तौर पर असफल रहते हैं।" इस पुस्तक का एकमात्र लक्ष्य यही है कि आप अपनी सोई हुई क्षमताओं से परिचित हों और इन शक्तियों को जागृत करें ताकि आपका जीवन सुखमय बन सके।


    प्रिंसटन युनिवर्सिटी के भूतपूर्व प्रेसिडेंट डॉ जॉन डी हिब्बन ने कहा था, " शिक्षा जीवन की स्थितियों का सामना करने की योग्यता है।"

    अगर पहले तीस अध्याय पढ़ने के बाद आपको यह लगे कि आपने कुछ नहीं सीखा, कि आप जीवन की स्थितियों का सामना करने के बेहतर योग्य नहीं हुए, तो मैं समझूंगा कि आपके प्रकरण में यह पुस्तक पूरी तरह विफल हुई है। क्योंकि जैसा हरबर्ट स्पेन्सर ने कहा था, शिक्षा का महान लक्ष्य ज्ञान नहीं, बल्कि कर्म है।"

    और यह पुस्तक कर्म के बारे में है, यह एक एक्शन बुक है।
                                                                                            डेल कारनेगी
                                                                          1936 Page 11...

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