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How to win friends and influence people (Page 9)
अनगिनत बार, कोर्स खत्म होने पर पत्नियों ने मुझे गुलदस्ते दिए हैं और यह बताया है कि जब से उनके पतियों ने इस कोर्स में भाग लिया है, उसके बाद से उनके घर का माहौलव ज्यादा सुखद हो गया है।
लोगों को अकसर हैरत होती है कि इन सिद्धांतों में ऐसा क्या है, जिसके ऐसे चमत्कारी परिणाम मिलते हैं। मैं आपको बता दूं कि इस सिद्धांतों में जादू है। कई बार तो लोग इतने ज्यादा उतसाहित हो गए कि उन्होंने मुझे रविवार के दिन घर पर फोन किया, क्योंकि वे अपनी उपलब्धि या परिणाम के बारे में बताने के लिए एक दिन का इंतजार नहीं कर सकते थे।
एक आदमी इन सिद्धांतों पर हो रही चर्चा में इतना तल्लीन हो गया कि वह क्लास के दूसरे सदस्यों के साथ देर रात तक इस पर चर्चा करता रहा। तीन बजे सुबह उसके साथी घर चले गए, परंतु वह अपनी पिछली गल्तियों पर विचार करने में इतना मशगूल था, नए और अधिक समृद्ध संसार को लेकर इतना प्रेरित था कि उसकी नींद उड़ गई। वह उस रात नहीं सोया, न अगले दिन, न अगली रात।
वह कौन था? कोई नादान या अप्रशिक्षित आदमी जो नए सिद्धांत को लेकर उत्साहित हो गया? नहीं। ऐसा बिल्कुल नहीं था। वह एक सफल आर्ट डीलर था, जो तीन भाषाओं का विशेषज्ञ था और दो विश्वविद्यालयों से ग्रेजुएट था।
इस अध्याय को लिखते समय मुझे पुराने स्कूल के एक जर्मनवासी का पत्र मिला। ये व्यक्ति एक सामंत था जिसके पूर्वज कई पीढ़ियों तक सेना के अफसर रह चुके हैं। उसने यह पत्र एक जहाज से लिखा था। इसमें उसने बताया था कि इन सिद्धांतों पर अमल करने से उसके जीवन में कितन अद्भुत परिवर्तन हुए हैं। उसके पत्र की भाषा में लगातार धार्मिक उन्माद झलक रहा था।
न्यूयॉर्क का एक अमीर आदमी जो हार्वड ग्रेजुएट था, एक बड़ी कॉर्पोरेट फैक्ट्री का मालिक है। उसने बताया कि 14 हफ्तों के इस कोर्स की ट्रेनिंग के दौरान लोगों को प्रभावित करने की कला के बारे में उसने जितना सीखा उतना कॉलेज के चार साल में नहीं सीखा। (Page 10)...
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