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How to win friends and influence people (Page 5)
अपने सबसे सफल दौर में जॉन डी. रॉकफालर ने कहा था, “लोगों से व्यबहार करने की कला भी उसी तरह खरीदी जाने वाली एक वस्तु है जैसे कि शक्कर या कॉफी।“ जॉन डी. ने यह भी कहा था, “ और मैं इस कला के लिए दूनिया की किसी भी चीज से ज्यादा कीमत देने के लिए तैयार हूं।”
क्या आपको नहीं लगता कि जो कला दुनिया की किसी भी चीज से ज्यादा कीमती है, उसे सीखने के लिए दुनिया के हर कॉलेज में कोर्स होने चाहिए? परंतु मैंने तो आज तक ऐसे किसी कोर्स या कॉलेज का नाम ही नहीं सुना।
युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो और युनाइटेड वाय एम सीए स्कूल ने एक सर्वे कराया जिसमें लोगों से यह पूछा गया था कि वे क्या सीखना चाहते हैं।
इस सर्वे पर 25,000 डॉलर खर्च हुए और इसमें दो साल का समय लगा। सर्वे का अंतिम हिस्सा मेरिडन, कनेक्टिकट में किया गया। मेरिडन को एक औसत अमेरिकी कस्बे के रूप में चुना गया था। मेरिडन के हर वयस्क के विचार जाने गये और उनसे 156 प्रशनों के जवाब पूछे गए -- इस तरह के सवाल जैसे "आपका व्यव्साय या प्रोफेशन क्या है? आपकी शिक्षा? आप अपना खाली समय किस तरह बिताते हैं? आपकी हॉबी क्या हैं? आपकी महत्वाकांक्षाएं? आपकी समस्याएं? आप किन विषयों के अध्यन में सबसे अधिक रुचि रखते हैं?" इत्यादि। इस सर्वे का निष्कर्ष यह था कि वयस्कों की सर्वाधिक रुचि का विषय स्वास्थ्य है। इसके बाद सर्वाधिक रुचि का दूसरे नंबर का विषय था लोगों को समझना और लोगों से मेलजोल बढ़ाने के तरीके सीखना, यह जानना कि लोगों का दिल किस तरह जीता जाये और उन्हें प्रभावित कैसे किया जाये।
तो सर्वे कराने वाली कमेटी ने यह निर्णय लिया कि मेरिडन के एक ऐसा कोर्स आयोजित करना चाहिए। उन्होंने इस विषय पर व्यवहारिक पाठ्यपुस्तक की खोज की, परंतु बड़ी मेहनत और खोजबीन के बाद भी उन्हें इस विषय पर काम की एक भी किताब नहीं मिली। Page 6...
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