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How to win friends and influence people (Page 7)
सफल लोगों के मैने व्यक्तिगत रूप से इंटरव्यू लिए जिनमें से कुछ विश्वप्रसिद्ध थे -- मार्कोनी और एडीसन जैसे अविष्कारक, फ्रैंकलिन डी रुजवेल्ट और जेम्स फार्ले जैसे राजनीतिज्ञ, ओवेन डी. यंग जैसे बिजनेस लीडर, क्लार्क गेबल और मेरी पिकफोर्ड जैसे मूवी स्टार्स और मार्टिन जॉनसन जैसे खोजी लोग। मैंने इन सभी लोगों से ये जानने की कोशिश की कि लोगों से व्यवहार करते समय वे किन तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं।
इस सारी सामग्री से मैंने एक छोटा सा लेक्चर तैयार किया। मैंने इसे नाम दिया "हाऊ टू विन फ्रेंडस एंड इंफ्लूएंस पीपुल"। मैंने कहा "छोटा"। शुरुआत में ये छोटा था, परंतु जल्दी ही यह डेढ़ घंटे का लेक्चर बन गया। सालों तक मैं न्यूयॉर्क के करनेगी इंसटीट्यूट के कोर्सेस में यह लेक्चर देता रहा।
इस लेक्चर के बाद मैं श्रोताओं को प्रेरित करता था कि वे अपनी दुनिया में जाकर इन सिद्धांतों का प्रयोग करें, बिजनेस और सामाजिक क्षेत्र में इन्हें आजमाएं और फिर क्लास में आकर अपने अनुभवों और परिणामों के बारे में बताएं। यह बहुत दिलचस्प होमवर्क था। यह सभी पुरुष और महिलाएं आत्म सुधार के लिए उत्सुक थे और उन्हें इस नई तरह की प्रयोगशाला में काम करने का विचार बहुत आकर्षक लगा। इसमें कोई संदेह नहीं था कि यह एक नए किस्म की प्रयोगशाला थी -- मानवीय संबंधों की पहली एकमात्र प्रयोगशाला।
यह पुस्तक उस तरह नहीं लिखी गयी है, जैसे आमतौर पर पुस्तकें लिखी जाती हैं। यह तो उस तरह धीरे धीरे बड़ी हुई है, जिस तरह कोई बच्चा बड़ा होता है। यह एक प्रयोगशाला में बड़ी हुई है, और इसमें हजारों वयस्कों के अनुभवों का निचोड़ है।
सालों पहले,हमने पोस्टकार्ड साइज के कार्ड पर लिखे सूत्रों से शुरूआत की थी। अगले साल हमने एक बड़ा कार्ड छपवाया, फिर एक लीफलेट, फिर बुकलेट की श्रंखला, और इसका आकार और दायरा बढ़ता चला गया। पंद्रह साल के प्रयोगों और शोध के बाद ये पुस्तक आयी।
यहां जो नियम दिए गये हैं, वो कोरे सिद्धांत या अंधेरे में छोड़े गये तीर नहीं हैं। Page 8
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